Chutes and Ladders बनाम साँप सीढ़ी: दोनों में क्या फ़र्क़ है?

अगर आपने ये खेल अमेरिका में सीखा है, तो आप शायद इसे Chutes and Ladders कहते होंगे। बाक़ी लगभग हर जगह, भारत में भी, जहाँ से ये खेल शुरू हुआ, इसे साँप सीढ़ी (स्नेक्स एंड लैडर्स) कहा जाता है।
छोटा जवाब ये है कि दोनों एक ही खेल हैं। यहाँ जानिए कि असल में अलग क्या है, पहले कौन-सा आया, और एक ही खेल के दो नाम कैसे पड़ गए।
छोटा जवाब
Chutes and Ladders साँप सीढ़ी का अमेरिकी रूप है। लक्ष्य वही है: पहले खाने से 100वें खाने तक की रेस। सीढ़ियाँ वैसे ही काम करती हैं, और च्यूट (फिसलपट्टियाँ) ठीक वही करते हैं जो साँप करते हैं। एक खेलना आता है तो दूसरा भी बिना कुछ नया सीखे खेल सकते हैं।
फ़र्क़ बस नाम का है, बोर्ड की तस्वीरों का है, और क्लासिक अमेरिकी खेल में पासे की जगह स्पिनर का है।
एक नज़र में फ़र्क़
- नाम। Chutes and Ladders नाम अमेरिका में चलता है। ब्रिटेन, भारत, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और दुनिया के ज़्यादातर हिस्सों में इसे स्नेक्स एंड लैडर्स, यानी साँप सीढ़ी कहते हैं।
- रुकावटें। च्यूट खेल के मैदान वाली फिसलपट्टियाँ हैं। साँप तो साँप हैं। दोनों आपको बोर्ड पर नीचे वापस भेज देते हैं।
- नंबर। क्लासिक Chutes and Ladders खेल के साथ एक से छह तक के नंबरों वाला स्पिनर आता है। साँप सीढ़ी में आम पासा इस्तेमाल होता है। दोनों तरह से आप एक से छह खाने चलते हैं, और हर नंबर आने का मौक़ा बराबर होता है।
- तस्वीरें। Chutes and Ladders में हर सीढ़ी और च्यूट पर एक छोटा-सा दृश्य बना होता है: सीढ़ी के नीचे कोई अच्छा काम और ऊपर उसका इनाम, और च्यूट के ऊपर कोई शरारत और नीचे उसका नतीजा। साँप सीढ़ी के ज़्यादातर बोर्ड बस नंबर वाले खाने होते हैं, जिन पर साँप और सीढ़ियाँ बनी होती हैं।
- उम्र। साँप सीढ़ी सदियों पुराना है। Chutes and Ladders 1943 से है।
बोर्ड का आइडिया दोनों में एक ही है: दस गुणा दस के ग्रिड में सौ खाने, जिन पर नीचे की लाइन से ऊपर तक ज़िगज़ैग क्रम में नंबर लिखे होते हैं। सीढ़ियाँ और रुकावटें कहाँ हों, ये दोनों खेलों में एक बोर्ड से दूसरे बोर्ड पर बदलता रहता है।
साँप सीढ़ी कहाँ से आया
ये खेल भारत में शुरू हुआ, जहाँ इसे मोक्ष पटम और ज्ञान चौपड़ के नाम से जाना जाता था। ये सीख देने वाला खेल था। सीढ़ियाँ उदारता और विनम्रता जैसे गुणों की निशानी थीं, साँप ग़ुस्से और लालच जैसे अवगुणों के, और बोर्ड का सबसे ऊपरी हिस्सा मोक्ष, यानी मुक्ति का।
पुराने भारतीय बोर्ड पर अक्सर सीढ़ियों से ज़्यादा साँप होते थे, ये दिखाने के लिए कि अच्छी ज़िंदगी तक पहुँचना बुरी ज़िंदगी से ज़्यादा मुश्किल है। 1800 के दशक के आख़िर में ये खेल इंग्लैंड पहुँचा और वहाँ स्नेक्स एंड लैडर्स के नाम से बिका। समय के साथ गुण और अवगुण बोर्ड से ग़ायब होते गए, और ये एक सीधी-सादी रेस बन गया।
पूरी कहानी जाननी हो तो साँप सीढ़ी का पूरा इतिहास भी पढ़ सकते हैं।
ये Chutes and Ladders कैसे बना
1943 में अमेरिकी गेम कंपनी Milton Bradley ने इसका अपना संस्करण निकाला और इसे Chutes and Ladders नाम दिया। साँपों की जगह खेल के मैदान वाली फिसलपट्टियाँ आ गईं, जो साँप से ज़्यादा दोस्ताना तस्वीर थीं। तस्वीरों में पुरानी नैतिक सीख बनी रही, लेकिन गुणों और अवगुणों की जगह अच्छे कामों और शरारतों के रोज़मर्रा वाले दृश्यों के रूप में।
नियमों को छेड़ा नहीं गया। साँप सीढ़ी जानने वाला कोई भी Chutes and Ladders के बोर्ड पर बैठकर फ़ौरन खेल सकता था, और ये बात आज भी सच है।
क्या नियम अलग हैं?
नहीं। दोनों खेलों में:
- हर खिलाड़ी बोर्ड के बाहर से, पहले खाने से पहले शुरू करता है।
- अपनी बारी पर आप पासा फेंकते हैं या स्पिनर घुमाते हैं, और उतने खाने आगे चलते हैं।
- सीढ़ी के नीचे वाले खाने पर पहुँचे तो ऊपर चढ़ जाते हैं।
- च्यूट के ऊपर वाले खाने पर, या साँप के मुँह पर पहुँचे तो नीचे फिसल जाते हैं।
- एक खाने पर कई खिलाड़ी साथ रह सकते हैं, और किसी की गोटी कटती नहीं।
- जो खिलाड़ी सबसे पहले 100वें खाने पर पहुँचता है, वो जीतता है।
बस एक नियम बदलता है, और वो है आख़िरी खाने का। कुछ ग्रुप्स में 100 पर पहुँचने के लिए ठीक उतना ही नंबर चाहिए, और कुछ में 100 तक पहुँचाने वाला कोई भी नंबर जीत दिला देता है। दोनों खेलों में लोग दोनों तरह से खेलते हैं, इसलिए शुरू करने से पहले तय कर लीजिए।
क्या एक खेल दूसरे से मुश्किल है?
नहीं। किसी भी खेल में कोई फ़ैसला लेना नहीं होता, इसलिए कोई भी दूसरे से मुश्किल नहीं हो सकता। हर चाल पासे या स्पिनर से तय होती है।
खेल कितना लंबा चलेगा, ये बोर्ड तय करता है: कितनी रुकावटें हैं, कितनी लंबी हैं और कहाँ हैं। ऊपर के पास लंबे साँपों वाले बोर्ड पर गेम लंबे चलते हैं और वापसी भी ज़्यादा होती है, रुकावटों का नाम चाहे जो हो।
भारत में इस खेल को क्या कहते हैं
भारत को इस खेल के लिए कभी नई थीम की ज़रूरत नहीं पड़ी; उसने अपने नाम ही रखे। हिंदी में ये साँप सीढ़ी है, तमिल में परमपदम, और तेलुगु में वैकुंठपाली या परमपद सोपानम। नियम हर जगह एक जैसे हैं।
क्लासिक खेल ऑनलाइन खेलें
साँप सीढ़ी जिम पारंपरिक खेल का फ्री ऑनलाइन रूप है, जिसमें साँप, सीढ़ियाँ और सौ खानों वाला बोर्ड है। प्राइवेट रूम में दो से चार खिलाड़ियों के साथ खेलिए, ऑनलाइन दूसरे खिलाड़ियों से, कंप्यूटर के ख़िलाफ़, या एक ही डिवाइस को शेयर करके।
नियम वही हैं जो ऊपर बताए गए हैं, इसलिए अगर आप Chutes and Ladders खेलते हुए बड़े हुए हैं, तो आपको खेलना पहले से आता है।
Chutes and Ladders, Hasbro का ट्रेडमार्क है। Gamejim का Hasbro से कोई संबंध नहीं है, और साँप सीढ़ी जिम पारंपरिक साँप सीढ़ी खेल है, Chutes and Ladders बोर्ड गेम नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या Chutes and Ladders और साँप सीढ़ी एक ही खेल है?
हाँ। Chutes and Ladders साँप सीढ़ी का अमेरिकी रूप है। नियम और लक्ष्य एक ही हैं; साँपों की जगह च्यूट हैं, और क्लासिक खेल में पासे की जगह स्पिनर इस्तेमाल होता है।
अमेरिका में इसे Chutes and Ladders क्यों कहते हैं?
जब 1943 में Milton Bradley ने ये खेल अमेरिका में निकाला, तो साँपों की जगह खेल के मैदान वाली फिसलपट्टियाँ (च्यूट) रख दीं, जो ज़्यादा दोस्ताना तस्वीर थी, और खेल का नाम भी उन्हीं पर रखा।
पहले कौन आया, Chutes and Ladders या साँप सीढ़ी?
साँप सीढ़ी। ये सदियों पहले भारत में मोक्ष पटम के रूप में शुरू हुआ और 1800 के दशक के आख़िर में इंग्लैंड पहुँचा। Chutes and Ladders इसके बाद 1943 में आया।
क्या Chutes and Ladders में पासा इस्तेमाल होता है?
क्लासिक खेल में पासे की जगह एक से छह तक के नंबरों वाला स्पिनर होता है। काम दोनों का एक ही है, इसलिए स्पिनर खो जाए तो आम पासा, या फ़ोन पर डाइस रोलर, बढ़िया काम करता है।
क्या साँप सीढ़ी ऑनलाइन फ्री में खेल सकते हैं?
हाँ। साँप सीढ़ी जिम आपके ब्राउज़र में फ्री में खेला जा सकता है, बिना डाउनलोड के। दोस्तों के साथ प्राइवेट रूम में खेलिए, कंप्यूटर के ख़िलाफ़, या एक ही फ़ोन पर।