कैरम बोर्ड सेटिंग: गोटियाँ कैसे जमाएँ, स्टेप बाय स्टेप

कैरम का हर गेम एक ही सेटिंग से शुरू होता है: बोर्ड के बीच में उन्नीस गोटियाँ, एक कसे हुए गोले में। ठीक से जमाएँ तो ब्रेक बराबरी का होता है। ढीली जमाएँ तो पहला शॉट उन्हें ऐसे बिखेरता है कि किसी के बस में नहीं रहता।
यहाँ जानिए कैरम की गोटियाँ स्टेप बाय स्टेप कैसे जमाएँ, डायग्राम के साथ, और साथ में बोर्ड का ऑफ़िशियल साइज़ और पॉइंट्स की छोटी-सी गाइड।
क्या-क्या चाहिए
- चारों कोनों में पॉकेट वाला कैरम बोर्ड।
- उन्नीस गोटियाँ: नौ सफ़ेद, नौ काली और एक लाल रानी।
- एक स्ट्राइकर, जो गोटियों से बड़ा और भारी होता है।
- थोड़ा-सा कैरम पाउडर, ताकि गोटियाँ आसानी से फिसलें।
गोटियों को अंग्रेज़ी में कैरम मेन या कॉइन भी कहते हैं, और भारत में आमतौर पर गोटी। स्ट्राइकर इन उन्नीस में नहीं गिना जाता। उसे आप उँगली से मारते हैं, उसे पॉकेट में डालने की कोशिश नहीं करते।
गोटियाँ कैसे जमाएँ
सेटिंग बोर्ड के बीच से बाहर की ओर बनती है, एक बार में एक घेरा।

- रानी। लाल रानी को बोर्ड के ठीक बीच वाले छोटे गोले में रखिए।
- अंदर का घेरा। रानी के चारों ओर छह गोटियाँ रखिए, सब रानी को छूती हुई, बारी-बारी से सफ़ेद और काली।
- बाहर का घेरा। बाक़ी बारह गोटियाँ अंदर वाले घेरे के चारों ओर रखिए, फिर से बारी-बारी से सफ़ेद और काली। इन्हें ऐसे लगाइए कि अंदर वाले घेरे की हर सफ़ेद गोटी के ठीक पीछे एक सफ़ेद गोटी हो। इससे सफ़ेद गोटियाँ रानी से बाहर की ओर जाता हुआ Y का आकार बनाती हैं।
सेटिंग पूरी होने पर हर गोटी अपनी बग़ल वाली गोटियों को छूनी चाहिए, और पूरा झुंड बीच के चारों ओर बने बड़े गोले के अंदर होना चाहिए। कहीं ख़ाली जगह हो तो गोटियों को बाहर से हल्के-हल्के अंदर धकेलिए, जब तक झुंड कस न जाए।
सेटिंग किस तरफ़ घूमी हो
सफ़ेद Y सिर्फ़ सजावट नहीं है। पूरे झुंड को ऐसे घुमाइए कि Y की एक भुजा सीधे ब्रेक करने वाले खिलाड़ी की ओर हो। तब बाक़ी दो भुजाएँ सामने के कोनों वाले पॉकेट की ओर रहती हैं।
ब्रेक करने वाला सफ़ेद से खेलता है, इसलिए सफ़ेद गोटियाँ उसी की ओर रहती हैं जो उन्हें सबसे पहले मारेगा। डबल्स में ब्रेक करने वाले का पार्टनर, जो सामने बैठता है, वो भी सफ़ेद से खेलता है।
पहले ब्रेक कौन करेगा
टॉस से तय होता है कि ब्रेक कौन करेगा। ब्रेक करने वाला सफ़ेद से खेलता है और दूसरा खिलाड़ी काली से, और लंबे मैच में ब्रेक आमतौर पर हर बोर्ड पर बारी-बारी से बदलता है। ब्रेक भी किसी आम शॉट की तरह ब्रेक करने वाले की अपनी बेसलाइन से खेला जाता है।
सेटिंग की आम ग़लतियाँ
- ढीली गोटियाँ। गोले में ख़ाली जगह हो तो ब्रेक का अंदाज़ा नहीं लगता, और किसी एक खिलाड़ी को आसान पहला शॉट मिल सकता है।
- रानी बीच से हटी हुई। उसे बीच वाले छोटे गोले में ही होना चाहिए, बस बीच में कहीं भी नहीं।
- Y ग़लत दिशा में। अगर सफ़ेद Y ब्रेक करने वाले से उलटी तरफ़ है, तो गोटियाँ एक-एक करके हटाने के बजाय पूरे झुंड को घुमा दीजिए।
- बहुत ज़्यादा पाउडर। हल्का-सा छिड़काव काफ़ी है। ज़्यादा हो तो गोटियाँ बहुत दूर फिसलती हैं और स्ट्राइकर को क़ाबू करना मुश्किल हो जाता है।
कैरम बोर्ड का ऑफ़िशियल साइज़
घर के बोर्ड कई साइज़ में आते हैं, लेकिन टूर्नामेंट के बोर्ड इंटरनेशनल कैरम फ़ेडरेशन के नियमों से बनते हैं। ये हैं मुख्य माप।
- खेलने की सतह: 74 सेमी × 74 सेमी, यानी क़रीब 29 इंच का चौकोर, थोड़ी छूट के साथ 73.5 सेमी तक।
- फ़्रेम: 6.35 से 7.6 सेमी चौड़ा, जिससे पूरा बोर्ड क़रीब 87 से 89 सेमी, यानी 34 से 35 इंच का हो जाता है।
- पॉकेट: 4.45 सेमी चौड़े, हर कोने में एक।
- बीच का गोला: 3.18 सेमी व्यास। रानी यहीं रखी जाती है।
- बाहरी गोला: 17 सेमी व्यास। पूरी सेटिंग इसके अंदर आनी चाहिए।
- बेसलाइन: हर तरफ़ दो समानांतर लाइनें, 47 सेमी लंबी, और दोनों सिरों पर एक-एक बेस गोला।
- गोटियाँ: 3.02 से 3.18 सेमी व्यास, हर एक का वज़न 5 से 5.5 ग्राम।
- स्ट्राइकर: व्यास 4.13 सेमी से ज़्यादा नहीं, और वज़न 15 ग्राम से ज़्यादा नहीं।
दुकानों और ऑनलाइन लिस्टिंग में आमतौर पर फ़्रेम समेत बोर्ड का पूरा साइज़ लिखा होता है। टूर्नामेंट साइज़ का बोर्ड चाहिए तो देख लीजिए कि खेलने की सतह ख़ुद 74 सेमी, यानी 29 इंच की हो। आम गेम के लिए छोटे बोर्ड भी ठीक हैं।
स्टैंड पर टूर्नामेंट बोर्ड फ़र्श से 63 से 70 सेमी ऊपर रहता है, जो आम कुर्सियों पर बैठे खिलाड़ियों के लिए आरामदायक ऊँचाई है।
कैरम में पॉइंट कैसे मिलते हैं
बोर्ड सेट हो जाए और गेम शुरू हो जाए, तो पॉइंट का हिसाब आसान है।
- जो खिलाड़ी सबसे पहले अपनी सारी गोटियाँ पॉकेट कर लेता है, वो बोर्ड जीतता है।
- जीतने वाले को विरोधी की बोर्ड पर बची हर गोटी का एक पॉइंट मिलता है।
- कवर की हुई रानी के तीन पॉइंट और जुड़ते हैं, लेकिन सिर्फ़ बोर्ड जीतने वाले खिलाड़ी को, और सिर्फ़ तब तक जब तक उस खिलाड़ी के 21 पॉइंट पार न हो जाएँ।
- एक बोर्ड में ज़्यादा से ज़्यादा बारह पॉइंट मिल सकते हैं: नौ गोटियाँ और रानी।
- गेम 25 पॉइंट तक चलता है, या आठ बोर्ड के बाद जो आगे हो वो जीतता है।
फ़ाउल, रानी और स्कोरिंग को और विस्तार से समझना हो तो शुरुआती खिलाड़ियों के लिए कैरम के नियमों की पूरी गाइड भी है।
बिना बोर्ड के प्रैक्टिस कीजिए
कैरम जिम आपके लिए बोर्ड ख़ुद सेट कर देता है, इसलिए आप सीधे ब्रेक पर पहुँच सकते हैं। इसकी फ़िज़िक्स असली बोर्ड जैसी है, इसलिए यहाँ सीखे एंगल असली बोर्ड पर भी काम आते हैं, और ये बिना डाउनलोड आपके ब्राउज़र में चलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कैरम में कितनी गोटियाँ होती हैं?
उन्नीस: नौ सफ़ेद, नौ काली और एक लाल रानी। स्ट्राइकर अलग से होता है और उसे गोटी में नहीं गिना जाता।
कैरम की गोटियाँ कैसे जमाते हैं?
रानी को बीच के गोले में रखिए, उसके चारों ओर बारी-बारी से सफ़ेद और काली छह गोटियाँ, और बाक़ी बारह बाहर वाले घेरे में, फिर से बारी-बारी से, ऐसे कि सफ़ेद गोटियाँ Y बनाएँ। हर गोटी बग़ल वाली गोटियों को छूती है, और पूरा झुंड बाहरी गोले के अंदर रहता है।
कैरम में ब्रेक करने वाले की ओर कौन-सा रंग रहता है?
सफ़ेद। ब्रेक करने वाला सफ़ेद से खेलता है, और सेटिंग को ऐसे घुमाया जाता है कि सफ़ेद Y की एक भुजा सीधे उसकी ओर हो।
कैरम बोर्ड का स्टैंडर्ड साइज़ क्या है?
ऑफ़िशियल खेलने की सतह 74 सेमी, यानी 29 इंच का चौकोर है। 6.35 से 7.6 सेमी चौड़े फ़्रेम के साथ पूरा बोर्ड क़रीब 87 से 89 सेमी का होता है।
कैरम में रानी के कितने पॉइंट होते हैं?
तीन पॉइंट, अगर आप उसे कवर करें और फिर बोर्ड जीतें। किसी खिलाड़ी के 21 पॉइंट पार होने के बाद रानी के पॉइंट नहीं गिने जाते।